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भीड़ खामोश पतझड़ हिन्दीकविता महफिल कही सफ़र अनकही हंसती परिश्रम हूं होते दोनों हरियाली मैं क्या हूं सक्षम हूं आज की नारी hindikavita तन्हा तन्हा तन्हा मैं कौन हूं

Hindi तन्हा खामोश हूं Poems